रिपोर्ट: जयपुर मिरर लाइव न्यूज डेस्क | जयपुर
राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के बैनर तले प्रदेशभर से सैकड़ों शिक्षक जयपुर कूच कर रहे हैं। शिक्षकों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 2 जून तक सरकार को अल्टीमेटम दिया है। जानिए पूरी खबर।
जयपुर। राजस्थान में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक अब आर-पार के मूड में हैं। अपनी 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक जयपुर की ओर पैदल कूच कर रहे हैं। सरकार को 2 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसके बाद राजधानी में महापड़ाव की चेतावनी दी गई है।
सीकर से शुरू हुई पदयात्रा

मंगलवार को सीकर जिला मुख्यालय से सैकड़ों शिक्षकों ने जयपुर के लिए पैदल मार्च शुरू किया। यह कूच सिल्वर जुबली रोड, बजरंग कांटा, बाइक डिपो तिराहा और कृषि मंडी रोड से होते हुए राजधानी की ओर अग्रसर है। आंदोलन का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष विनोद पूनिया और महिला विंग की अध्यक्ष संतोष ढाका कर रहे हैं।
1 जून तक जयपुर में जुटेंगे शिक्षक
शिक्षक संघ के अनुसार, यह पदयात्रा 1 जून तक जारी रहेगी और प्रदेशभर से शिक्षक जयपुर पहुंचेंगे। इसके बाद 2 जून को राजधानी में सभी शिक्षकों द्वारा महापड़ाव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
ये हैं शिक्षकों की 11 सूत्री प्रमुख मांगें:
- स्थानांतरण नीति को तत्काल लागू किया जाए
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पुन: समीक्षा हो
- शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती
- तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले
- पदोन्नति (DPC) प्रक्रिया में तेजी
- संविदा शिक्षकों का नियमितीकरण
- वेतन विसंगतियों का निवारण
- शिक्षकों के कार्यभार में संतुलन
- समय पर वेतन व भत्तों का भुगतान
- महिला शिक्षकों को कार्यस्थल पर सुरक्षा
सरकार को चेतावनी
संघ के जिला अध्यक्ष विनोद पूनिया ने चेताया कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सरकार की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आंदोलन सरकार को झुकाने तक चलेगा।”
चार जिलों से निकले शिक्षक
शिक्षक संघ के मुताबिक, सीकर, दौसा, टोंक और किशनगढ़ से 27 मई को शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल रहा है। 2 जून को जयपुर में होने वाला प्रदर्शन इस आंदोलन की निर्णायक कड़ी होगा।


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